Thursday, 29 March 2018

कश्मीर बच जाएगा (ka vichar )

कैराना में कोई धारा 370 नहीं है। ना पश्चिमी बंगाल में, ना केरल में, ना असम के सीमांत जिलो में, ना दिल्ली की विकासपुरी में। फिर भी अन्य क्षेत्रों से कोई हिंदू वहाँ जाकर बस नहीं रहा है, बल्कि वहाँ बसे हिंदू अपना सब छोड़कर भाग रहे हैं। हम हिंदू धारा 370 के बुर्क़े में अपनी कायरता ढँकना बंद करें। कश्मीर की समस्या धारा 370 नहीं है बल्कि इस्लाम और हिन्दुत्व है। या ये कहे कि कश्मीर की समस्या हम हिंदुओं द्वारा इस्लाम का सच जानने और मानने व आवश्यक क़दम उठाने से इंकार करना है। वह दुर्भाग्यशाली सैनिक जो उन कुत्तों के लात-थप्पड़ खाकर भी सिर झुकाए चला जा रहा है वह ने केवल हिंदू समाज का, बल्कि एक पूरी सभ्यता का प्रतीक है, जीता जागता, हाड़ माँस का प्रतीक। वह शांत है क्यूँकि प्रतिक्रिया करेगा तो गिरफ़्तार हो जाएगा, नौकरी खोएगा, बर्बाद हो जाएगा। उसके बजाय, कुछ मिनटों का अपमान उसने सहन करना ज़्यादा उचित समझा। यही कहानी हर हिंदू की है। मुस्लिम मुहल्ले से लगे घरों में रह रहे हिंदू व उनकी बेटियाँ रोज़ उस सैनिक जैसा अपमान सहते हैं, बाक़ी हिंदू या तो मुँह फेर लेते है, या हँसते हैं। हिंदू नेतृत्व उनसे यही कहता है कि चुपचाप सह लो वरना शांति भंग हो जाएगी, खाड़ी देश तेल देना बंद कर देंगे, इससे बेहतर कोई विकल्प नहीं है...आदि आदि... सौ साल पहले तो तेल का चक्कर नहीं था। तब क्या था? इजरायल कहाँ से तेल लाता है? ये तेल, ये धारा 370, ये पत्रकार, ये soft state; सब बुर्क़े हैं जिनसे हम हिंदू अपनी कायरता और मूर्खता ढँकते हैं। इसलिए धारा 370 का आलाप बंद करें और अपने नज़दीकी हिंदू ग़रीब को बचा लें बस, कश्मीर अपने आप बच जाएगा। चपरासी की नौकरी के लिए, पंच-सरपंच-MLA-MP के लिए वोट देते समय जाति देखना बंद करें, कश्मीर बच जाएगा। मुफ़्त पानी बिजली के लिए वोट देना बंद करें, कश्मीर बच जाएगा। अपने पास के मन्दिर के जीर्णोद्धार में सहयोग दें, नए मन्दिर बनाने में सहयोग दें, धूमधाम से हिन्दू त्योहार मनाने में सहयोग दें, कश्मीर बच जाएगा। 🙏🙏

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